01/02/2026
नेपाल दर्शन यात्रा: अयोध्या से नेपाल (पोखरा, मनकामना, काठमांडू, लुम्बिनी
(5 रातें / 6 दिन)
ग्रुप टूर,- नाश्ता और रात का खाना शामिल है
पोखरा होटल नाम= गुडबिल/मुरानो
काठमांडू होटल नाम= रुद्र व्यू /दीप ज्योति
लुम्बिनी होटल नाम=एशियन बुद्ध
होटल श्रेणी- डीलक्स
प्रति व्यक्ति शुल्क=13000/
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दिन 1: अयोध्या से पोखरा - हिमालय की गोद में आगमन
यात्रा विवरण: आपकी यात्रा सुबह जल्दी अयोध्या से शुरू होगी। अयोध्या से सोनौली बॉर्डर (भारत-नेपाल सीमा) की दूरी लगभग 200-220 किमी है, जिसे तय करने में 5-6 घंटे लगते हैं। बॉर्डर पर इमिग्रेशन और कस्टम की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आप नेपाल में प्रवेश करेंगे। यहाँ से पोखरा की यात्रा शुरू होगी।
• शाम: पोखरा पहुँचकर होटल में चेक-इन करें। शाम को आप 'फेवा लेक' (Phewa Lake) के किनारे टहल सकते हैं।
दिन 2: पोखरा दर्शन - प्रकृति और रोमांच का संगम
• सूर्योदय (Sarangkot): सुबह जल्दी सारंगकोट जाएँ, जहाँ से हिमालय की चोटियों (धौलागिरी, अन्नपूर्णा, माछापुछरे) पर सूर्य की पहली किरणें पड़ते देखना एक जादुई अनुभव है।
• प्रमुख दर्शनीय स्थल:
1. बिन्ध्यवासिनी मंदिर: यह पोखरा का सबसे पुराना मंदिर है।
2. डेविस फॉल (Davis Fall): एक अद्भुत झरना जो जमीन के नीचे एक गुफा में जाकर विलीन हो जाता है।
3. गुप्तेश्वर महादेव गुफा: डेविस फॉल के ठीक सामने स्थित यह गुफा भगवान शिव को समर्पित है।
4. ताल बाराही मंदिर: फेवा झील के बीचों-बीच स्थित इस मंदिर तक नाव से जाना होता है।
दिन 3: पोखरा से काठमांडू (वाया मनकामना मंदिर)
• मनकामना मंदिर दर्शन: रास्ते में 'कुरिनटार' नामक स्थान पर रुकें। यहाँ से आप केबल कार (Ropeway) के जरिए प्रसिद्ध मनकामना देवी मंदिर जा सकते हैं। माना जाता है कि यहाँ दर्शन करने से मन की इच्छा पूरी होती है। पहाड़ों के ऊपर केबल कार का सफर आपको रोमांचित कर देगा।
• काठमांडू आगमन: शाम तक काठमांडू पहुँचें। यह शहर आधुनिकता और प्राचीन परंपराओं का मिश्रण है।
दिन 4: काठमांडू स्थानीय भ्रमण - मंदिरों का शहर
• पशुपतिनाथ मंदिर: यह भगवान शिव के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। बागमती नदी के किनारे स्थित यह मंदिर हिंदुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है।
• स्वयंभूनाथ (मंकी टेंपल): एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित यह बौद्ध स्तूप पूरे काठमांडू शहर का विहंगम दृश्य प्रदान करता है।
• बौद्धनाथ स्तूप: यह दुनिया के सबसे बड़े स्तूपों में से एक है और तिब्बती बौद्ध धर्म का केंद्र है।
• बुधानिलकंठ: यहाँ शेषनाग पर विराजमान भगवान विष्णु की एक विशाल लेटी हुई प्रतिमा है, जो पानी के कुंड में तैरती प्रतीत होती है।
• शाम: ठमेल (Thamel) के बाजारों में घूमें।
दिन 5: काठमांडू से लुम्बिनी - शांति की ओर वापसी
यात्रा विवरण: सुबह नाश्ते के बाद काठमांडू से लुम्बिनी के लिए प्रस्थान करें (दूरी लगभग 280 किमी)। यह यात्रा पहाड़ों से उतरकर नेपाल के तराई क्षेत्र की ओर ले जाएगी।
• लुम्बिनी आगमन: लुम्बिनी भगवान बुद्ध की जन्मस्थली है और शांति का प्रतीक है।
दिन 6: लुम्बिनी दर्शन और अयोध्या वापसी
यात्रा विवरण: यात्रा के अंतिम दिन सुबह लुम्बिनी के पवित्र उद्यानों का भ्रमण करें।
• प्रमुख आकर्षण:
1. माया देवी मंदिर: वह सटीक स्थान जहाँ सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) का जन्म हुआ था।
2. अशोक स्तंभ: सम्राट अशोक द्वारा स्थापित स्तंभ जो बुद्ध के जन्म का प्रमाण देता है।
3. विभिन्न देशों के मठ: यहाँ चीन, जापान, थाईलैंड और जर्मनी जैसे देशों द्वारा बनाए गए सुंदर बौद्ध मंदिर और मठ हैं।
• वापसी यात्रा: दोपहर के बाद लुम्बिनी से अयोध्या के लिए प्रस्थान करें। बेलहिया/सोनौली बॉर्डर पार कर आप भारतीय सीमा में प्रवेश करेंगे।
• ड्रॉप: देर शाम या रात तक आपको अयोध्या सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
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