06/01/2026
Sir
श्री देर (राजाराम जी/राज उपाध्याय)
“सादर नमन। 🙏🏻💐💐🙏🏻नम आँखों से आपको श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ
मेरे जन्म से लेकर आज तक आपका आशीर्वाद, स्नेह और आपके आदर्श मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी रहे हैं। और मेरे जीवन पर्यंत हमेशा रहेंगे। आपने जो संस्कार और सीख मुझे दी, वे न केवल मेरे जीवन को सफल बनाने की प्रेरणा हैं, बल्कि मेरे परिवार के लिए भी मार्गदर्शक हैं।
मैं आपके बताए मार्ग का सदैव अनुसरण करता रहूँगा।
आज शब्द कम पड़ जाते हैं-कभी सोचा नहीं था कि आपके लिए इस प्रकार लिखना पड़ेगा।
मैं हमेशा यह चाहता था कि कुछ बनकर, कुछ करके आपको दिखा सकूँ; राह में भले ही कठिनाइयाँ आई हों, पर मैं प्रयास करता रहूँगा ।
आपकी दी हुई सीखे, मार्ग और आदर्श- मैं जीवन भर निभाने का संकल्प लेता हूँ
आपको कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी🙏🏻💐💐🙏🏻 श्रद्धांजलि।"
आपका अनिरुद्ध