DRSR - packers & movers

DRSR - packers & movers Packing and Moving costumers, Relocation, Household Shifting, Corporate Shifting, warehousing services, transportation, loading & unloading services

We DRSR Packers and Movers introduce ourselves as a leading Packing Moving Services provider in India rendering valuable packing, moving and relocation services to our esteemed clients. We are a premiere service provider of comprehensive range of packing moving services that include Packing Moving services to all the Packing and Moving costumers, Relocation services or Household Shifting services,

Corporate Shifting services & related Services, warehousing services, loading services, transportation services, unloading services, unpacking services, car-carrier services and insurance services. We offer excellent packing moving services considering each and every detail assuring complete safety of the client's possessions till they reach their desired destination. We are known to use high quality materials for packing so that no damage is incurred to the goods. Whether its household relocation or office relocation, our packing experts ensure that all the goods are perfectly packed, so that they don't get damaged while moving. We provide to our clients customized relocation solutions based on the overall size of the consignment and convenience of our clients. We are also known to render unpacking services as we realize that unpacking is also a tedious and technical job. Our experts offer prompt unpacking services preventing any misplacements and allowing you to get back to normal routine as quickly as possible. Overall, we have been able to successfully create a niche for ourselves in the packing and moving industry by way of exhibiting our worth appreciating endeavors.

04/10/2018

Hi Friends

22/11/2017

hello friends

13/04/2017

अरे भाई कहाँ गयी वो लड़की जो कहती थी कि "pakistan did not kill my dad the war did "
अब ये बताओ कि कुलभूषण को फांसी
पाकिस्तान दे रहा है या रस्सी..?
कहाँ गये वो जो उसको उकसा रहे थे ? कहाँ गये वो जो याकूब मेनन की फाँसी पर रात रात को अदालतों को खुलवा रहे थे ?

Call Any time. Happy to Serve You!!!!
09/01/2017

Call Any time. Happy to Serve You!!!!

Packing and Moving costumers, Relocation, Household Shifting, Corporate Shifting, warehousing services, transportation, loading & unloading services

02/08/2016

Its easy to say "Busy" when someone needs You...
But its very painful to hear "Busy" When you need someone

01/02/2016

स्मिथ -हार गए यार अपन 😭
फिंच - हा ना भाई😢
वार्नर - तभी मैंने बोला था की हरे कपड़े मत पहनो, पाकिस्तान समझके बहुत मारते हैं इंडिया वाले किसी ने मेरी बात मानी ही नहीं अब भुगतो😡😡😡😡

02/11/2015

बेटी का भाग्य.....!!
"भगवान क्या लिख रहे हो, इतनी देर से?"
देवदूत ने सृष्टि के निर्माता के कक्ष में आते हुवे कहा।
भगवान् ने उसकी तरफ ध्यान दिए बगैर लिखना चालू
रखा।
देवदूत ने कहा:- "सो जाइये भगवान् कई दिनों से आपने
तनिक भी विश्राम नहीं किया, क्या लिख
रहे है
आप?"
भगवान् :- "भाग्य"
देवदूत :- "किसका?"
भगवान :- "है एक गाव की लड़की,
अभी कुछ
ही महीनो में उसका जन्म होगा,
उसी का भाग्य
लिख रहा हुँ।"
देवदूत ने हंस कर कहा :- "गाव
की लड़की उसका क्या भाग्य?"
भगवान् ने क्रोधित होते हुवे कहा :- "ये आम
बेटी नहीं है,
इसका भाग्य मेने खुद लिखा है।"
देवदूत ने कहा :- "ऐसा क्या भाग्य है इसका?
भगवान् :- "ये लड़की बहुत पढेगी।"
देवदूत ने कटाक्ष में कहा :- "गांव में इसे कौन पढने देगा?"
भगवान् :- "ये खुद अपनी महेनत से
पढेगी और अपने गाव
का नाम रोशन करेगी।
अपने गांव की ये
एकलौती पढ़ी-
लिखी लड़की पुरे गाव
में क्रांति लाएगी, पुरे समाज को सुधारेगी।
देखना फिर उस गाव में कोई कम पढ़ा-लिखा न होगा।
देश में बड़े-बड़े लोग इसके इस कार्य से प्रभावित होंगे।
उसे उसके कार्य के लिए पुरस्कार दिया जायेगा।
वो अपने माँ-बाप का नाम रोशन करेगी, समझो ये
साक्षात लक्ष्मी होगी।
अपने माँ-बाप के सभी दुःख वो दूर करेगी।
एक झोपड़े से वो उन्हें महलों तक ले जायेगी।"
देवदूत ने कहा :- "पर क्या काम का,
लड़की तो पराया धन होती है.?
एक दिन ससुराल चली जायेगी, फिर?"
भगवान ने कहा :- "ना, ना ये
लड़की शादी के बाद
भी अपने माँ-बाप को संभालेगी।
अरे जिस दिन इसका भाई इसके माँ-बाप को घर से
निकालेगा उस दिन
यही बेटी उनका सहारा बनेगी।
उन्हें किसी बात का दुःख होने
नहीं देगी।"
अचानक भगवान बोलते-बोलते रुक गए।
उनकी छाती में पीड़ा होने
लगी।
देवदूत ने उन्हें संभाला और कहा:- "क्या हुवा भगवान?"
भगवान् की आँखों में आसू थे :-
"मेरी सारी मेहनत
पानी में गई देवदूत!"
देवदूत :- "क्या हुवा?"
भगवान :- "अब वो बेटी जन्म
नहीं लेगी"
देवदूत:- "क्यों भगवान्?"
भगवान :- "उसकी माँ ने उसे जन्म देने से पहले
ही मार
डाला"
देवदूत बुरी तरह चीखा :- "क्यों..........?
भगवान :- "सुनो.... उनकी आवाज... उन
दुष्टों की आवाज....वो कहते है उन्हें
बेटी नहीं बेटा चाहिए, बेटा चाहिए।
देवदूत ये लोग क्यों एसा करते है, क्यों बेटियों को जन्म
लेने से पहेले ही मार देते है....क्यों देवदूत क्यों?
देवदूत चुप-चाप भगवान के आँसुओ से कागज पे लिखे
बेटी के
भाग्य को बहता देख रहा था।

Bawani Khera Railway station in 1993
04/06/2015

Bawani Khera Railway station in 1993

28/05/2015

पराया धन होकर भी
कभी पराई नही होती
शायद इसलिए..
किसी बाप से हंसकर बेटी की विदाई नही होती

23/04/2015

पुलिस वाले - पुलिस वाले

एक बार एक दरोगा जी का मुंह लगा नाई पूछ बैठा - "हुजूर पुलिस वाले रस्सी का साँप कैसे बना देते हैं ?" दरोगा जी बात को टाल गए।
लेकिन नाई ने जब दो-तीन बार यही सवाल पूछा तो दरोगा जी ने मन ही मन तय किया कि इस भूतनी वाले को बताना ही पड़ेगा कि रस्सी का साँप कैसे बनाते हैं ! लेकिन प्रत्यक्ष में नाई से बोले - "अगली बार आऊंगा तब बताऊंगा !"
इधर दरोगा जी के जाने के दो घंटे बाद ही 4 सिपाही नाई की दुकान पर छापा मारने आ धमके - "मुखबिर से पक्की खबर मिली है, तू हथियार सप्लाई करता है। तलाशी लेनी है दूकान की !" तलाशी शुरू हुई ...
एक सिपाही ने नजर बचाकर हड़प्पा की खुदाई से निकला जंग लगा हुआ असलहा छुपा दिया ! दूकान का सामान उलटने-पलटने के बाद एक सिपाही चिल्लाया - "ये रहा रिवाल्वर" छापामारी अभियान की सफलता देख के नाई के होश उड़ गए - "अरे साहब मैं इसके बारे में कुछ नहीं जानता"। "आपके बड़े साहब भी मुझे अच्छी तरह पहचानते हैं !"
एक सिपाही हड़काते हुए बोला - "दरोगा जी का नाम लेकर बचना चाहता है ?
साले सब कुछ बता दे कि तेरे गैंग में कौन-कौन है ... तेरा सरदार कौन है ... तूने कहाँ-कहाँ हथियार सप्लाई किये ... कितनी जगह लूट-पाट की ... आ चल तू अभी थाने चल !"
थाने में दरोगा साहेब को देखते ही नाई पैरों में गिर पड़ा - "साहब बचा लो ... मैंने कुछ नहीं किया !" दरोगा ने नाई की तरफ देखा और फिर सिपाहियों से पूछा - "क्या हुआ ?" सिपाही ने वही जंग लगा असलहा दरोगा के सामने पेश कर दिया - "सर जी मुखबिर से पता चला था .. इसका गैंग है और हथियार सप्लाई करता है.. इसकी दूकान से ही ये रिवाल्वर मिली है !"
दरोगा सिपाही से - "तुम जाओ मैं पूछ-ताछ करता हूँ !"
सिपाही के जाते ही दरोगा हमदर्दी से बोले - "ये क्या किया तूने ?"
नाई घिघियाया - "सरकार मुझे बचा लो ... !"
दरोगा गंभीरता से बोला - "देख ये जो सिपाही हैं न ...साले एक नंबर के कमीने हैं
मैंने अगर तुझे छोड़ दिया तो ये साले मेरी शिकायत ऊपर अफसर से कर देंगे ...
इन कमीनो के मुंह में हड्डी डालनी ही पड़ेगी ... मैं तुझे अपनी गारंटी पर दो घंटे का समय देता हूँ , जाकर किसी तरह बीस हजार का इंतजाम कर .. पांच - पांच हजार चारों सिपाहियों को दे दूंगा तो साले मान जायेंगे !"
नाई रोता हुआ बोला - "हुजूर मैं गरीब आदमी बीस हजार कहाँ से लाऊंगा ?"
दरोगा डांटते हुए बोला - "तू मेरा अपना है इसलिए इतना सब कर रहा हूँ तेरी जगह कोई और होता तो तू अब तक जेल पहुँच गया होता ...जल्दी कर वरना बाद में मैं कोई मदद नहीं कर पाऊंगा !"
नाई रोता - कलपता घर गया ... अम्मा के कुछ चांदी के जेवर थे चौक में एक ज्वैलर्स के यहाँ सारे जेवर बेचकर किसी तरह बीस हजार लेकर थाने में पहुंचा और सहमते हुए बीस हजार रुपये दरोगा जी को थमा दिए !
दरोजा जी ने रुपयों को संभालते हुए पूछा - "कहाँ से लाया ये रुपया?"
नाई ने ज्वैलर्स के यहाँ जेवर बेचने की बात बतायी तो दरोगा जी ने सिपाही से कहा - "जीप निकाल और नाई को हथकड़ी लगा के जीप में बैठा ले .. दबिश पे चलना है !"
पुलिस की जीप चौक में उसी ज्वैलर्स के यहाँ रुकी ! दरोगा और दो सिपाही ज्वैलर्स की दूकान के अन्दर पहुंचे ...
दरोगा ने पहुँचते ही ज्वैलर्स को रुआब में ले लिया - "चोरी का माल खरीदने का धंधा कब से कर रहे हो ?"
ज्वैलर्स सिटपिटाया - "नहीं दरोगा जी आपको किसी ने गलत जानकारी दी है!"
दरोगा ने डपटते हुए कहा - "चुप ~~~ बाहर देख जीप में हथकड़ी लगाए शातिर चोर बैठा है ... कई साल से पुलिस को इसकी तलाश थी ... इसने तेरे यहाँ जेवर बेचा है कि नहीं ? तू तो जेल जाएगा ही .. साथ ही दूकान का सारा माल भी जब्त होगा !"
ज्वैलर्स ने जैसे ही बाहर पुलिस जीप में हथकड़ी पहले नाई को देखा तो उसके होश उड़ गए.. तुरंत हाथ जोड़ लिए - "दरोगा जी जरा मेरी बात सुन लीजिये!
कोने में ले जाकर मामला एक लाख में सेटल हुआ !
दरोगा ने एक लाख की गड्डी जेब में डाली और नाई ने जो गहने बेचे थे वो हासिल किये फिर ज्वैलर्स को वार्निंग दी - "तुम शरीफ आदमी हो और तुम्हारे खिलाफ पहला मामला था इसलिए छोड़ रहा हूँ ... आगे कोई शिकायत न मिले !"
इतना कहकर दरोगा जी और सिपाही जीप पर बैठ के रवाना हो गए !
थाने में दरोगा जी मुस्कुराते हुए पूछ रहे थे - "साले तेरे को समझ में आया रस्सी का सांप कैसे बनाते हैं !"
नाई सिर नवाते हुए बोला - "हाँ माई-बाप समझ गया !"
दरोगा हँसते हुए बोला - "भूतनी के ले संभाल अपनी अम्मा के गहने और पांच हजार रुपया और जाते-जाते याद कर ले ...
हम रस्सी का सांप ही नहीं बल्कि नेवला .. अजगर ... मगरमच्छ सब बनाते हैं .. बस आसामी बढ़िया होना चाहिए"।।

10/04/2015

Ek Sach Chupa Hota Hai :- Jab Koi Kisi Ko Kehta Hai Ki "Mazaak Tha Yaar". Ek Feeling Chupi Hoti Hai :- Jab Koi Kehta Hai "Mujhe Koi Farq Nahi Padta". Ek Dard Chupa Hota Hai :- Jab Koi Kehta Hai "Its Ok". Ek Zarurat Chupi Hoti Hai :- Jab Koi Kehta Hai "Mujhe Akela Chhod Do". Ek Gehri Baat Chupi Hoti Hai :- Jab Koi Kehta Hai "Pata Nahi". Ek Samundar Chupa Hota Hai Baato Ka :- Jab Koi "Khamosh Rehta Hai"..

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