20/09/2023
‘देश की आधी आबादी को उसका पूरा हक़ मिले’- महिला आरक्षण बिल का सार यही है।
आज संसद में बहुत सारे लोग महिला आरक्षण पर डिबेट को शुरू कर सकते थे, लेकिन मुझे ख़ुशी है कि इसका आग़ाज़ महिला सशक्तिकरण की सबसे पुरज़ोर योद्धा श्रीमती सोनिया गांधी जी ने किया।
उन्होंने हमेशा महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। कई दशकों से महिला आरक्षण बिल की पैरोकार रहने से लेकर, आज इस बिल पर समर्थन देने और समन्वय स्थापित करने तक, उनकी भूमिका के लिए इतिहास और इस देश की स्त्रियाँ सदैव उनकी ऋणी रहेंगी।
आज अपने वक्तव्य में स्त्रियों के जिस अगाध धैर्य और साहस की उन्होंने सराहना की, असल में वो स्वयं इन दोनों की धनी हैं।
सार्वजनिक जीवन में उनसे ज़्यादा गरिमा, धीरज, समर्पण और त्याग शायद ही किसी और में हो। इसके साथ ही उनमें एक निश्छलता है, एक उन्मुक्तता है। उन्हें हंसते देख ख़ुशी होती है। वो हमारी प्रेरणास्रोत भी हैं और हमारी आदर्श भी।
उनके आज के ऐतिहासिक वक्तव्य में भारतीय स्त्रियों का चित्रण, हमारी परंपरा, महिलाओं के हक़ और अपने जीवनसाथी राजीव जी के सपने को पूरा करने का उत्साह उनके चेहरे से झलक रहा था।
इस क़ानून की वो सबसे बड़ी पैरोकार रहीं हैं इसलिए आज उनका समर्थन बहुमूल्य है, साथ ही उनके द्वारा व्यक्त की गई चिन्ताओं और सुझावों जैसे कि जातीय जनगणना और SC, ST एवं OBC महिलाओं को आरक्षण देने पर भी विचार होना चाहिए। Copy